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वकीलों के सत्यापन पर देशभर की यूनिवर्सिटी से सुप्रीम कोर्ट ने पक्ष मांगा

The University Network 2017/02/21 00:09

NEW DELHI: वकीलों के सत्यापन से जुड़ी एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई चल रही है। इसी मामले में पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह वकीलों के सत्यापन से संबंधित बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के प्रमाण पत्र और कार्यस्थल (सत्यापन) नियम, 2015 को चुनौती देने वाले मामले में सभी यूनिवर्सिटी का पक्ष सुनेंगे।

न्यायमूर्ति पीसी घोष और न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की पीठ ने कहा, हम आप सभी का पक्ष सुनेंगे और फिर हमेशा के लिए फैसला करेंगे। बीसीआई की ओर से वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने कहा था कि शीर्ष अदालत इस मामले में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) और सभी विश्वविद्यालयों का पक्ष सुन सकती है।

शुरू में वेणुगोपाल ने कहा, माना जाता है कि देश में 17 लाख वकील हैं लेकिन लंबे समय से कोई सत्यापन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, यह 17 लाख का आंकड़ा केवल काल्पनिक संख्या है। यह नहीं पता कि इनमें से कितने अब भी प्रैक्टिस करते हैं।

पीठ ने बीसीआई से यह भी कहा कि एक राष्ट्रीय अखबार में और विभिन्न क्षेत्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करवाकर विश्वविद्यालयों से शीर्ष अदालत में लंबित मामले में पक्ष बनाने को कहा जाए। जब कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील ने अदालत से कहा कि बीसीआई द्वारा अपनाई जाने वाली सत्यापन की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होने वाली है तो पीठ ने कहा, चिंता मत कीजिए। हम इसका ख्याल रखेंगे।

पीठ ने यूजीसी से सभी विश्वविद्यालयों को अपना आदेश भेजने को कहा और दो सप्ताह बाद सुनवाई के लिए तारीख निर्धारित की।




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